LATEST NEWS

Showing posts with label शर्बत(Sharbat). Show all posts

0 commentSunday, 26 May 2013
अच्युताय गुलाब सर्बत (Achyutaya Gulab Sharbat) 


लाभ : यह शरबत अत्यन्त सुमधुर और
जायकेदार है प्यास की अधिकता, अन्तर्दाह,
ग्लानी, अवसाद, भ्रम, चित्त की अस्थिरता,
पेशाब की जलन, मूत्रकृच्छ, आँखों की जलन
तथा सुर्खी आदि विकारो को दूर करता है ।
शारीरिक व मानसिक थकावट को मिटाने
वाला, तृप्तिकारक तथा आनंददायक है ।
कितने ही लोग गर्मी के मौसम में इसका नित्य
सेवन कर गर्मी की अधिकता से होने वाले 
विकारों से बचे रहते है ।
सेवन विधि :- 20 से 40 मी.ली.तक एक
ग्लास ठंडे पानी या दूध में मिलाकर 2 से 3
बार पि सकते है ।    
                                                               
(1)Product Name :- Achyutaya  Gulab Sharbat
 (2)Quantity :- 700 ml.


(3)Direction For Use :- 20 to 40 ml once or twice a day with water / milk( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals).  OR as directed by physician.




0 commentSunday, 10 March 2013

अच्युताय अदरक युक्त आँवला शरबत(Achyutaya Amla  Sharbat)


Benefits :- इसके नियमित सेवन से यकृत (लीवर) एवं आँतों की कार्यक्षमता बढ़कर अन्न का पाचन ठीक से होता है! यह भूख को बढ़ाता है और वायु का अनुलोमन करता है! अतः अरुचि (Anorexia), अम्लपित (Acidity) , पेट फूलना (gas), कब्ज (constipation) , कृमिरोग आदि पेट के अनेक रोगों में में लाभदायी है! इसके अतिरिक्त यह ह्रदय, मस्तिष्क एवं बालों के लिए भी हितकर है!
इससे शरीर पुष्ट एवं बलवान बनता है और चेहरे की कांति बढ़ती है! यह रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाकर ऋतु- परिवर्तनजन्य रोगों से रक्षा करता है! इसके सेवन से दिनभर शरीर में उत्साह, प्रसन्न्ता एवं स्फूर्ति बनी रहती है!

Direction For Use :- २०-३० मि. ली.शरबत पानी में मिलाकर लें !
Main Ingredients :- आंवला , अदरक










0 commentFriday, 1 March 2013
    


  
0 comment


 अच्युताय पलाश शर्बत(Achyutaya Palash Sharbat)


Benefits :- पलाश वृक्ष को आयुर्वेद ने ‘ब्रम्हवृक्ष’ नाम से गौरवान्वित किया है ! पलाश रसायन ( वार्धक्य एवं रोगों को दूर रखने वाला ), नेत्रज्योति बढ़ाने वाला व बुद्धिवर्धक भी है! यह मधुर व शीतल है! इसके सेवन से पित्तजन्य रोग शांत हो जाते हैं ! ग्रीष्म ऋतु की तपन से रक्षा होती है! कई प्रकार के चर्मरोग भी दूर होते है! प्रमेह (मूत्र-संबंधी विकारों ) में भी लाभदायी है !
Direction For Use :- २०-४० मि. ली. तक एक गिलास ठंडे पानी में मिलाकर २ से ३ बार पी सकते है !






Labels

Advertisement
Advertisement

teaser

teaser

mediabar

Páginas

Powered by Blogger.

Link list 3

Followers

Search This Blog