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0 commentMonday, 10 June 2013


अच्युताय हृदयामृत टेबलेट

हृदय की कमजोरी , हृदय की धड़कन बढ़ना, हृदय में दर्द आदि विभिन्न हृदय रोगों में तथा दमे के रोग में लाभदायी ‍‌‌


0 commentWednesday, 10 April 2013

होमियो तुलसी गोलियॉ(Homoeo tulsi pills)

हृदयरोग,दमा,हिचकी ,
विष-विकार,श्वास-खाँसी,
प्रतिश्याय,खून की कमी,
दंत रोग मे चमत्कारी
लाभ मिलता है। साथ ही ये
शिरः शूल,प्रजनन तथा
मूत्रवाही संस्थान के रोगों

की श्रेष्ठ औषधि हैं ।





0 commentFriday, 1 March 2013



अच्युताय कफ सिरप(Achyutaya Cough Syrup)


सभी प्रकार के श्वासनली के विकार ,सर्दी खांसी ,दमा तथा सूखी खांसी में अत्यंत लाभकारी ,



(1)Product Name :- Achyutaya  Cough Syrup
(2)Quantity :- 100 ml.
(3)Direction For Use :- 1 to 2 t.s.f. twice a day ( Dose depends upon age, weight & illness of the individuals). OR as directed by physician.
(4)Benefits :-  Useful in dry cough, productive cough, asthma, chronic obstructive lung disease viz. bronchitis, emphysema etc., allergic cough, interstitial lung disease. etc.
(5)Main Ingredients :- Adhatoda vasica(ardusi), Curcuma longa(haldi), Glycerrhiza glabra(Yastimadhu) etc. 







0 commentSunday, 24 February 2013


दमा व श्वास का घरेलू उपचार


 एक पका केला छिला लेकर चाकू से लम्बाई में चीरा लगाकर उसमें एक छोटा चम्मच दो ग्राम कपड़छान की हुई काली मिर्च भर दें । फिर उसे बगैर छीलेही, केले के वृक्ष के पत्ते में अच्छी तरह लपेट कर डोरे से बांध कर 2-3 घंटे रख दें । बाद में केले के पत्ते सहित उसे आग में इस प्रकार भूने की उपर का पत्ता जले । ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें ।प्रतिदिन सुबह में केले में काली मिर्च का चूर्ण भरें। और शाम को पकावें । 15-20 दिन में खूब लाभ होगा ।
           
     

केला के पत्तों को सुखाकर किसी बड़े बर्तन में जला लेवें।  फिर कपड़छान कर लें और इस केले के पत्ते की भरम को एक कांच की साफ शीशी या डिब्बे में रख लें । बस, दवा तैयार है ।

सेवन विधि - एक साल पुराना गुड़ 3 ग्राम चिकनी सुपारी का आधा से थोड़ा कम वनज को 2-3 चम्मच पानी में भिगों दें । उसमें 1-4 चौथाई दवा केले के पत्ते की राख डाल दें और पांच-दस मिनट बाद ले लें । दिनभर में सिर्फ एक बार ही दवा लेनी है, कभी भी ले लेवें ।
           
     


बच्चे का असाध्य दमा - अमलतास का गूदा 15 ग्राम दो कप पानी में डालकर उबालें चौथाई भाग बचने पर छान लें और सोते समय रोगी को गरम-गरम पिला दें । फेफड़ों में जमा हुआ बलगम शौच मार्ग से निकल जाता है । लगातार तीन दिन लेने से जमा हुआ कफ निकल कर फेफड़े साफ हो जाते है । महीने भर लेने से फेफड़े कर तपेदिक ठीक हो सकती है ।




0 commentThursday, 14 February 2013

अच्युताय पंचगव्य घी


उन्माद ,अवसाद (डिप्रेशन),मानसिक व्याधियों ,दमा ,क्षय खाँसी ,धातुक्षीणता,त्वचा विकारों में लाभदायक होता है


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अच्युताय प्राणदा टेबलेट


श्वास,दमा,पुरानी खाँसी,न्यूमोनिया,नजला,श्वसन-संस्थान के रोगों में व हृदयविकारों में लाभदायी होता है ।



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