Showing posts with label विष(Poison). Show all posts
0 comment
Friday, 22 February 2013
Benefits Of Aprajita (अपराजिता)
अपराजिता बहुत सामान्य सा पौधा है इसके आकर्षक फूलों के कारण इसे लान की सजावट के तौर पर भी लगाया जाता है. इसकी लताएँ होती हैं.ये इकहरे फूलों वाली बेल भी होती है और दुहरे फूलों वाली भी.फूल भी दो तरह के होते हैं -नीले और सफ़ेद आप लोग अपने घरों में सफ़ेद फूलों वाली अपराजिता ही लगाएं क्योंकि यही सांप के ज़हर की दुश्मन है.
अगर सांप के विष का असर चमड़ी के अन्दर तक हो गया हो तो अपराजिता की जड़ का पावडर घी के साथ मिला कर खिला दीजिये.१२ ग्राम की मात्रा में.
सांप का ज़हर खून में घुस गया हो तो जड़ का पावडर दूध में मिला कर पिला दीजिये – १२ ग्राम
सांप का जहर मांस में फ़ैल गया हो तो कूठ का पावडर और अपराजिता का पावडर १२-१२ ग्राम मिला कर पिला दीजिये.
अगर इस जहर की पहुँच हड्डियों तक हो गयी हो तो हल्दी का पावडर और अपराजिता का पावडर मिलाकर दे दीजिये .दोनों एक एक तोला हों अगर चर्बी में विष फ़ैल गया है तो अपराजिता के साथ अश्वगंधा का पावडर मिला कर दीजिये और सांप के जहर ने वीर्य तक को प्रभावित कर डाला हो तो अपराजिता की जड़ का १२ ग्राम पावडर ईसरमूल कंद के १२ ग्राम पावडर के साथ दे दीजिये.इन सबका दो बार प्रयोग करना काफी होगा.
लेकिन सांप के विष की पहुँच कहाँ तक हो गयी है ये बात कोई बहुत जानकार व्यक्ति ही आपको बता पायेगा.
मेडिकल साइंस तो कहता है कि ज़हर की गति सांप की जाति पर निर्भर करती है लेकिन वे सांप जिन्हें जहरीला नहीं माना जाता जैसे पानी वाले सांप उनका जहर वीर्य तक पहुँचने में ५ दिन का समय ले लेता है और आने वाली संतान को प्रभावित करता है अतः सांप के ज़हर का निवारण जरूर कर लेना चाहिए.
0 comment
Tuesday, 19 February 2013
भौंरी, मक्खी, मधुमक्खी के दंश होने पर यह उपाय तुरंत करे
पहला प्रयोगः तुलसी के पत्तों को नमक के साथ पीसकर लगाने से भौंरों के दंश की वेदना मिट जाती है।
दूसरा प्रयोगः मधुमक्खी, भौंरी के दंशप्रभावित स्थान पर गाय के गोबर का तीन दिन लेप करने से लाभ होता है।
बगईः बैल, कुत्ते अथवा घोड़े पर बैठने वाली बगई नामक पीली मक्खी यदि मनुष्य के कान में घुस जाये तो शुद्ध घी का हलुआ या सेवफल का टुकड़ा कान के आगे बाँधकर रखने से वह स्वतः निकल जाती है।
0 comment
Monday, 18 February 2013
सर्प दंश का विष नष्ट करने हेतु सरल उपाय
पहला प्रयोगः तपाये हुए लोहे से डंकवाले भाग को जला देने से नाग का प्राणघातक जहर भी उतर जाता है।
दूसरा प्रयोगः सर्पदंश की जगह पर तुरंत चीरा करके विषयुक्त रक्त निकालकर पोटेशियम परमैंगनेट भर देने से जहर फैलना एवं चढ़ना बंद हो जाता है।
साथ में मदनफल (मिंडल) का 1 तोला चूर्ण गरम या ठण्डे पानी में पिला देने से वमन होकर सर्पविष निकल जाता है। मिचाईकंद का टुकड़ा दो ग्राम मात्रा में घिसकर पिलाना तथा दंशस्थल पर लेप करना सर्पविष की अक्सीर दवा है।
तीसरा प्रयोगः मेष राशि का सूर्य होने पर नीम के दो पत्तों के साथ एक मसूर का दाना चबाकर खा जाने से उस दिन से लेकर एक वर्ष तक साँप काटे तो उसका जहर नहीं चढ़ता।
साँप के काटने पर शीघ्र ही तुलसी का सेवन करने से जहर उतर जाता है एवं प्राणों की रक्षा होती है।
अनुभूत प्रयोगः जिस व्यक्ति को सर्प ने काटा हो उसे कड़वे नीम के पत्ते खिलायें। यदि पत्ते कड़वे न लगें तो समझें कि सर्प विष चढ़ा है। छः सशक्त व्यक्तियों को बुलाकर दो व्यक्ति मरीज के दो हाथ, दो व्यक्ति दो पैर एवं एक व्यक्ति पीछे बैठकर उसके सिर को पकड़े रखे। उसे सीधा सुला दें एवं इस प्रकार पकड़ें कि वह जरा भी हिल न सके।
इसके बाद पीपल के हरे चमकदार 20-25 पत्तों की डाली मँगवाकर उसके दो पत्ते लें। फ़िर ‘सुपर्णा पक्षपातेन भूमिं गच्छ महाविष।’ मंत्र जपते हुए पत्तों के डंठल को दूध निकलनेवाले सिरे से धीरे-धीरे मरीज के कानों में इस प्रकार डालें कि डंठल का उँगली के तीसरे हिस्से जितना भाग ही अंदर जाय अन्यथा कान के परदे को हानि पहुँच सकती है। जैसे ही डंठल का सिरा कान में डालेंगे, वह अंदर खिंचने लगेगा व मरीज पीडा से खूब चिल्लाने लगेगा, उठकर पत्तों को निकालने की कोशिश करेगा। सशक्त व्यक्ति उसे कसकर पकड़े रहें एवं हिलने न दें। डंठल को भी कसकर पकड़े रहें, खिंचने पर ज्यादा अंदर न जानें दे।
जब तक मरीज चिल्लाना बंद न कर दे तब तक दो-दो मिनट के अंतर से पत्ते बदलकर इसी प्रकार कान में डालते रहें। सारा जहर पत्तें खिंच लेंगे। धीरे-धीरे पूरा जहर उतर जायेगा तब मरीज शांत हो जायेगा। यदि डंठल डालने पर भी मरीज शांत रहे तो जहर उतर गया है ऐसा समझें।
जहर उतर जाने पर नमक खिलाने से खारा लगे तो समझें कि पूरा जहर उतर गया है। मरीज को राहत होने पर सौ से डेढ़ सौ ग्राम शुद्ध घी में 10-12 काली मिर्च पीसकर वह मिश्रण पिला दें एवं कानों में बिल्वादि तेल की बूँदे डाल दें ताकि कान न पकें। कम से कम 12 घण्टे तक मरीज को सोने न दें। उपयोग में आये पत्तों को या तो जला दें या जमीन में गाड़ दें क्यों कि उन्हें कोई जानवर खाये तो मर जायेगा।
इस प्रयोग के द्वारा बहुत मनुष्यों को मौत को मुख में से वापस लाया गया है। भले ही व्यक्ति बेहोश हो गया हो या नाक बैठ गयी हो, फिर भी जब तक जीवित हो तब तक यह प्रयोग चमत्कारिक रूप से काम करता है।
जहर पी लेने परः कितना भी खतरनाक विषपान किया हो, नीम का रस अधिक मात्रा में पिलाकर या घोड़ावज (वच) का चूर्ण या मदनफल का चूर्ण या मुलहठी का चूर्ण या कड़वी तुम्बी के गर्भ का चूर्ण एक तोला मात्रा में पिलाकर वमन (उलटी) कराने से लाभ होगा। जब तक नीला-नीला पित्त बाहर न निकले तब तक वमन कराते रहें।
0 comment
बिच्छू दंश का विष नष्ट करने हेतु सरल उपाय
पहला प्रयोगः पत्थर पर दो-चार बूँद पानी की डालकर उस पर निर्मली या इमली के बीज को घिसें। उस घिसे हुए पदार्थ को दर्दवाले स्थान पर लगायें एवं जहाँ बिच्छू ने डंक मारा हो वहाँ घिसा हुआ बीज चिपका दें। दो मिनट में ही बिच्छू का विष नष्ट हो जायेगा और रोता हुआ मनुष्य भी हँसने लगेगा।
दूसरा प्रयोगः पोटेशियम परमैंगनेट एवं नींबू के फूल (साइट्रिक एसिड) को बारीक पीसकर अलग-अलग बॉटल में भरकर रखें। बिच्छू के डंक पर मूँग के दाने जितने नींबू के फूल का पाउडर एवं पोटेशियम परमैंगनेट का मूँग के दाने जितना पाउडर रखें। ऊपर से एक बूँद पानी भी डालें। थोड़ी देर में उभार आकर विष उतर जायेगा। यह अदभुत दवा है।
0 comment
Labels
- 1.AP (74)
- 1.Fruits and Other Food items for Health (42)
- 1.Helpful Tips(उपयोगी युक्तियाँ (4)
- 1.Homoeopatic Medicine (2)
- 1.Quote(सूक्तियाँ) (4)
- 1.आयुर्वेदिक जड़ी बूटीयाँ( Ayurvedic Herbs) (15)
- 1.ऋतुचर्या(Season Diet) (7)
- 1.क्या करे क्या ना करे(Kya Kare Kya Na Kare) (30)
- 1.मंत्र विज्ञान(Mantra Vigyan) (10)
- 1.मुद्रा(Mudra) (11)
- 1.योग और प्राणायाम(yog and pranayam) (11)
- 1.योगासन(Asanas) (22)
- 1.रोग और निदान(Disease and Diagnosis) (79)
- 1.वास्तु विज्ञान(Vastu Vigyan) (17)
- 1.स्वरोदय विज्ञान(Swroday Vigyan) (18)
- Articles (106)
- Food Supplements (5)
- अतिसार(Diarrhea) (1)
- अनिद्रा (Insomnia) (1)
- अरुचि (anorexia) (5)
- अर्क(Ark) (6)
- अवसाद (Depression) (1)
- आंख(eye) (6)
- आयुर्वेदिक वटी (Tablets) (19)
- उच्चरक्तचाप(hypertension) (2)
- एड्स (AIDS) (1)
- एसिडिटी(acidity) (2)
- कब्ज(Constipation) (5)
- कान(ear) (1)
- कृमि नाशक(Worm Killer) (1)
- कैंसर (cancer) (5)
- कोलेस्ट्रोल(Cholesterol) (1)
- क्षय रोग (Tuberculosis) (1)
- खांसी(cough) (2)
- खीलें (Pimples) (1)
- गठिया (Arthritis) (6)
- गर्भपोषक (2)
- गले के रोग (Diseases of the throat) (1)
- गैस(gas) (9)
- घुटने का दर्द (knee pain) (4)
- चूर्ण(Churna) (11)
- जलन(irritation) (2)
- जोड़ों के दर्द(Joint Pain) (5)
- ज्वर (Fever) (2)
- डायबिटीज(Diabetes) (2)
- त्रिदोष नाशक(tridosha destructor ) (3)
- त्वचा विकार (skin disorders) (8)
- थकावट(exhaustion) (8)
- दमा(asthma ) (6)
- दाँत(teeth) (3)
- दाँतों का दर्द(Dental Pain) (2)
- दाद-खाज खुज़ली(Ringworm) (4)
- नाक(Nose) (1)
- पित्त(Bile) (8)
- पीलीया( Piliya) (8)
- पौष्टिक (nutritious) (15)
- फटी एड़ियाँ(cracked soles) (1)
- फिनायल(Phenyle) (1)
- बदहजमी(indigestion) (3)
- बलप्रद (17)
- बवासीर(Piles) (2)
- बाल (hair) (5)
- भस्म (Mineral Compound) (3)
- मिर्गी(Epilepsy) (5)
- मूत्र-सबंधी विकार (7)
- मोच (Sprain) (2)
- यकृत(Liver) (1)
- रक्त विकार(blood disorders) (4)
- रक्त शुद्धक(purifies blood) (6)
- रक्तचाप(blood pressure) (1)
- रक्ताल्पता(anemia) (4)
- लिवर(Liver) (9)
- विष(Poison) (5)
- वीर्यदोष (5)
- वीर्यवर्धक (16)
- शर्बत(Sharbat) (4)
- शीतल(Cold) (6)
- श्वासनली(respiratory) (2)
- सफाई(cleaning) (1)
- सर का दर्द(Headache) (1)
- सिर की रुसी( Dandruff) (4)
- सिरदर्द(Headaches) (2)
- सूखी खांसी(cough) (5)
- सौंदर्य(beauty) (1)
- सौन्दर्य(Beauty) (2)
- स्त्री-रोग(Female - Diseases) (6)
- स्मृति वर्धक(Enhanced memory) (10)
- स्वप्नदोष(night fall) (8)
- हड्डी(bone) (2)
- हार्ट-अटैक(heart attack) (3)
- हृदय रोग(Heart disease) (11)
teaser
teaser
mediabar
Páginas
Powered by Blogger.
Link list 3
- 1.AP (74)
- 1.Fruits and Other Food items for Health (42)
- 1.Helpful Tips(उपयोगी युक्तियाँ (4)
- 1.Homoeopatic Medicine (2)
- 1.Quote(सूक्तियाँ) (4)
- 1.आयुर्वेदिक जड़ी बूटीयाँ( Ayurvedic Herbs) (15)
- 1.ऋतुचर्या(Season Diet) (7)
- 1.क्या करे क्या ना करे(Kya Kare Kya Na Kare) (30)
- 1.मंत्र विज्ञान(Mantra Vigyan) (10)
- 1.मुद्रा(Mudra) (11)
- 1.योग और प्राणायाम(yog and pranayam) (11)
- 1.योगासन(Asanas) (22)
- 1.रोग और निदान(Disease and Diagnosis) (79)
- 1.वास्तु विज्ञान(Vastu Vigyan) (17)
- 1.स्वरोदय विज्ञान(Swroday Vigyan) (18)
- Articles (106)
- Food Supplements (5)
- अतिसार(Diarrhea) (1)
- अनिद्रा (Insomnia) (1)
- अरुचि (anorexia) (5)
- अर्क(Ark) (6)
- अवसाद (Depression) (1)
- आंख(eye) (6)
- आयुर्वेदिक वटी (Tablets) (19)
- उच्चरक्तचाप(hypertension) (2)
- एड्स (AIDS) (1)
- एसिडिटी(acidity) (2)
- कब्ज(Constipation) (5)
- कान(ear) (1)
- कृमि नाशक(Worm Killer) (1)
- कैंसर (cancer) (5)
- कोलेस्ट्रोल(Cholesterol) (1)
- क्षय रोग (Tuberculosis) (1)
- खांसी(cough) (2)
- खीलें (Pimples) (1)
- गठिया (Arthritis) (6)
- गर्भपोषक (2)
- गले के रोग (Diseases of the throat) (1)
- गैस(gas) (9)
- घुटने का दर्द (knee pain) (4)
- चूर्ण(Churna) (11)
- जलन(irritation) (2)
- जोड़ों के दर्द(Joint Pain) (5)
- ज्वर (Fever) (2)
- डायबिटीज(Diabetes) (2)
- त्रिदोष नाशक(tridosha destructor ) (3)
- त्वचा विकार (skin disorders) (8)
- थकावट(exhaustion) (8)
- दमा(asthma ) (6)
- दाँत(teeth) (3)
- दाँतों का दर्द(Dental Pain) (2)
- दाद-खाज खुज़ली(Ringworm) (4)
- नाक(Nose) (1)
- पित्त(Bile) (8)
- पीलीया( Piliya) (8)
- पौष्टिक (nutritious) (15)
- फटी एड़ियाँ(cracked soles) (1)
- फिनायल(Phenyle) (1)
- बदहजमी(indigestion) (3)
- बलप्रद (17)
- बवासीर(Piles) (2)
- बाल (hair) (5)
- भस्म (Mineral Compound) (3)
- मिर्गी(Epilepsy) (5)
- मूत्र-सबंधी विकार (7)
- मोच (Sprain) (2)
- यकृत(Liver) (1)
- रक्त विकार(blood disorders) (4)
- रक्त शुद्धक(purifies blood) (6)
- रक्तचाप(blood pressure) (1)
- रक्ताल्पता(anemia) (4)
- लिवर(Liver) (9)
- विष(Poison) (5)
- वीर्यदोष (5)
- वीर्यवर्धक (16)
- शर्बत(Sharbat) (4)
- शीतल(Cold) (6)
- श्वासनली(respiratory) (2)
- सफाई(cleaning) (1)
- सर का दर्द(Headache) (1)
- सिर की रुसी( Dandruff) (4)
- सिरदर्द(Headaches) (2)
- सूखी खांसी(cough) (5)
- सौंदर्य(beauty) (1)
- सौन्दर्य(Beauty) (2)
- स्त्री-रोग(Female - Diseases) (6)
- स्मृति वर्धक(Enhanced memory) (10)
- स्वप्नदोष(night fall) (8)
- हड्डी(bone) (2)
- हार्ट-अटैक(heart attack) (3)
- हृदय रोग(Heart disease) (11)
.jpg)








